वाराणसी में भी पत्रकार सुरक्षित नहीं है

वाराणसी में भी पत्रकार सुरक्षित नहीं है सही और सच्ची खबर को चलाने पर मिल रही धमकियां उत्तर प्रदेश के पुर्व मिडिया प्रभारी वसीम अहमद ने इसकी कड़ी निंदा की है

उत्तर प्रदेश में आएं दिन पत्रकारों से अभद्रता होता रहता हैं ऐसे में वाराणसी में बिजली विधुत द्वारा पत्रकार को जनता के बीच जाकर सही और सच्ची खबर को चलाने पर पत्रकार मकबूल हसन को मिली धमकी क्या पत्रकार को सही खबर नहीं चलाना चाहिए ऐसे में सवाल उठता हैं मजबूर और कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण किया जा रहा है ऐसे में सवाल उठता हैं कि क्या सच्चाई को दबाया जा रहा है वाराणसी के प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 अक्टूबर को वाराणसी के कज्जाकपुरा विधुत विभाग में बुनकरों की समस्या को लेकर पत्रकार के द्वारा ग्रांड रिपोर्टिंग के दौरान जिसमें मोहम्मद खलील नामक बुजुर्ग ने बताया कि कई महीनों से 2023 के शासनादेश के द्वारा 1 H P 1720 रुपए जमा करते थे अक्टूबर में उनके उपर 7300 सौ रुपए का जुर्माना लगाया गया है इसी तरह एक महिला के उपर 8000 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया था ऐसे ही जाने कितने गरीब बुनकरों के उपर मनमानी तरीके से शोषण किया जा रहा है बिजली विभाग द्वारा ऐसा ही पुरे बनारस के बुनकरों के साथ किया जा रहा है

ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को इस तरह से मनमानी तरीके से जो बिजली विभाग में बुनकरों को परेशान किया जा रहा है इसकी कड़ी जांच होनी चाहिए जो इस तरह से मनमानी तरीके से बुनकरों से ओवर लोड के नाम से वसूली किया जा रहा है इसकी जांच पड़ताल करके उनके उपर कड़ी कार्रवाई की जाएं जो भी दोशी है


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