
Association for Protection of Civil Rights-Uttar Pradesh
♥APCR यूपी की एक टीम बहराईच दौरे पर गई थी। समाज सेवियों, अधिवक्ताओं और दंगा पीड़ितों से मुलाक़ात की। जिनके घर-मकान, दुकान और गाड़ियाँ जली हैं अभी तक उसकी कोई एफआईआर नहीं लिखी गई है। पीड़ितों से बात करने पर उनहोंने बताया कि वो बहुत से दंगाईयों को पहचानते हैं लेकिन पुलिस नामज़द एफआईआर नहीं कर रही है। साथी अधिवक्ता पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने में उनकी मद्द कर रहे हैं।
इंसाफ़ की लड़ाई में APCR पीड़ितों के साथ है। ज़िला न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनकी हर मुम्किन मद्द की जाएगी। बहुत से दंगाई मज़लूमों के घर जला कर आज़ाद घूम रहे हैं उनको जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डलवाया जाएगा।
इससे पहले APCR ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के ज़रिए बुल्डोज़र पर रोक लगवाई हुई है। साथ ही APCR के उपाध्यक्ष अधिवक्ता एस एम फैज़ी और साथी अधिवक्ता अकरम आज़ाद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुक़दमा कर 46 मज़लूमों को जेल से रिहा भी कराया था।
बहराईच दौरे पर गई टीम में अधिवक्ता नजमुस्साक़िब (National Executive Member, APCR), अधिवक्ता उमर ख़ालिद (Secretary, APCR-UP), अधिवक्ता अकरम खान लखनऊ से, वहीं शादाब हुसैन (Dist. President, APCR), समाजिक कार्यकर्ता अकीलुल्लाह शाहिद नदवी आदि बहराइच से शामिल थें।
इस मामले में अबतक अधिवक्ता कलीम हाशमी का बहुत ही अहम क़िरदार रहा है। टीम ने उनसे भी उनके आवास पर मुलाक़ात की साथ में सामाजिक कार्यकर्ता जुनैद, सामाजिक कार्यकर्ता फैसल से भी मुलाक़ात हुई।
बहराईच दंगे के ज़ुल्म को अभी रक़म करना भी बाक़ी है। कुछ ही दिनों में एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम भी बहराईच के लिए रवाना की जाएगी।
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