
सीतापुर मे कलम का कत्ल (दिन दहाड़े पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की गोली मार कर हत्या)
*पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। महोली तहसील के चार लेखपाल समेत 12 संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने धान व जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों को भी हिरासत में लिया है। घटनास्थल के 500 मीटर के दायरे में 18 हजार मोबाइल नंबरों की जांच हो रही है। चार टीमें जांच में जुटी हैं और संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए जा रहे हैं*
बता दें कि, सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में अलग-आलग जनपदों में पत्रकारों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में पत्रकारों ने जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही पत्रकारों ने काला फीता बांधकर पैदल मार्च निकाला।
पत्रकारों ने सर्किल ऑफिसर को ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने सर्किल ऑफिसर (सीओ) को ज्ञापन सौंपा। इसमें हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। साथ ही मृतक के परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग भी की गई है। पत्रकारों ने मृतक के एक परिवार सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी है।
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में भी सीतापुर के पत्रकार की निर्मम हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। बता दें कि, इस हत्या के बाद पत्रकार की निर्मम हत्या के विरोध में जिले के पत्रकार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते ही सभी ने एकजुट होकर डीएम को ज्ञापन दिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार दर्जनों की संख्या में मौजूद पत्रकरों ने पत्रकार को न्याय और मुआवजा सहित पांच अन्य मांग भी की है। डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री तक मांग पहुंचाने की बात कही जा रही है। वही डीएम ने पत्रकारों की बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया है। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गईं।
सीतापुर। पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस महोली तहसील के चार लेखपाल समेत 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। धान खरीद व जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़े ऐसे संदिग्ध लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनकी अखबार में प्रकाशित खबरों से किसी न किसी कारण संबंध रहा है।
हालांकि, संदिग्धों के नाम बताने से पुलिस कतरा रही है। पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है। हाईवे के हेमपुर ओवरब्रिज पर जहां हत्यारों ने घटना की है, उसके आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों को भी खंगाला जा रहा है।
जांच के दायरे में सक्रिय मोबाइल नंबर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में घटनास्थल के आसपास 500 मीटर की रेंज में 18 हजार मोबाइल सक्रिय पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि उसी दौरान क्रासिंग से ट्रेन भी गुजरी थी। पुलिस इन सभी नंबरों को सर्विलांस पर लेकर छानबीन कर रही है। इसमें संदिग्ध नंबरों की छंटनी की जा रही है। सर्विलांस सेल को इसमें संदिग्ध नंबर हाथ लगने की उम्मीद है।
*सीतापुर में पत्रकार की गोली मारकर की गई हत्या को लेकर उत्तर-प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश,*
*इंडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) ने सीतापुर प्रशासन व प्रदेश सरकार से घटना का त्वरित खुलासा कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की,*
*लखनऊ:-* जनपद सीतापुर में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के संवादाता की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर की गई हत्या की जानकारी होते ही उत्तर-प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया। जघन्य घटना को लेकर इंडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) उत्तर-प्रदेश के पदाधिकारियों ने सीतापुर प्रशासन व प्रदेश सरकार से घटना का त्वरित खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
जनपद सीतापुर की तहसील महोली में शनिवार को पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। जिसकी जानकारी होते ही उत्तर-प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया। जघन्य घटना को लेकर आईजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय पाण्डेय ,व प्रदेश अध्यक्ष (उ. प्र.) गजेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा पत्रकार की हुई हत्या की कड़ी निंदा करते हुए सीतापुर प्रशासन व प्रदेश सरकार से घटना का तत्काल खुलासा कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की । साथ ही यह भी मांग की गई कि घटना का खुलासा होने के साथ मूल कारणों का भी पता लगे व पत्रकार के परिवार को आर्थिक मदद भी दी जाए। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार डॉ: एम. एल. रावत ने बताया कि यह तब और गंभीर हो जाता है,जब पत्रकार की प्रकाशित खबर के कारण हत्या की जाने की चर्चा हो।
प्रदेश अध्यक्ष नौशाद अली अंसारी
का कहना ह कि….
पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई की टीम से करवाई जाए और दोषियो को कठोर से कठोर सजा दिलाई जाये,,,,
इस चौथे स्तंभ की सुरछा की जिम्मेदारी केन्द्र व राज्य सरकारे सुनिश्चित करे…